Class 10 Hindi Sparsh Chapter 17 कारतूस

NCERT Solutions for Class 10 Hindi Chapter 17

(कारतूस)

प्रश्न-अभ्यास
(पाठ्यपुस्तक से)
मौखिक
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए

प्रश्न 1. कर्नल कालिंज का खेमा जंगल में क्यों लगा हुआ था?

उत्तर - कर्नल कालिंज का खेमा वज़ीर अली को गिरफ्तार करने के उद्देश्य से जंगल में लगा हुआ था। कर्नल को संदेह था कि वज़ीर अली जंगल में ही कहीं छिपा होगा। बरसों से वह पूरी फौज़ की आँखों में धूल झोंक रहा था। जंगलों में अपने थोड़े से आदमियों के साथ भटक रहा था फिर भी वह फौज़ के हाथ नहीं आ रहा था।

प्रश्न 2. वज़ीर अली से सिपाही क्यों तंग आ चुके थे?
उत्तर - वज़ीर अली से सिपाही इसलिए तंग आ चुके थे क्योंकि जिस वज़ीर अली को पकड़ने के लिए जंगल में हफ्तों से खेमा डाल रखा था, उसको पकड़ना तो दूर, उसका कहीं पता नहीं चल पा रहा था।

प्रश्न 3. कर्नल ने सवार पर नज़र रखने के लिए क्यों कहा?
उत्तर - कर्नल ने सवार पर नज़र रखने थे लिए इसलिए कहा ताकि वह यह देख सके कि सवार किस दिशा की तरफ जा रहा है। | वह सवार वज़ीर अली का कोई दूत या जानकार या कोई साथी हो सकता था।

प्रश्न 4. सवार ने यह क्यों कहा कि वज़ीर अली की गिरफ्तारी बहुत मुश्किल है?
उत्तर - घोड़े पर आया सवार कोई और नहीं, बल्कि स्वयं वज़ीर अली था जो अपनी जान की परवाह किए बिना कर्नल के कैंप तक आ धमका था। वह अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए जान ले सकता था और जान दे भी सकता था।

लिखित
(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में लिखिए


प्रश्न 1. वज़ीर अली के अफ़साने सुनकर कर्नल को रॉबिनहुड की याद क्यों आ जाती थी?
उत्तर - रॉबिनहुड एक साहसी वीर था, वह किसी को कहीं भी चकमा देने में माहिर था, उसी प्रकार वज़ीर अली भी साहसी, हिम्मती व वीर व्यक्ति था। उसके साहस के कारनामे लोगों की जुबान पर थे। वह अंग्रेज़ी सरकार की पकड़ में नहीं आ रहा था। कंपनी के वकील को उसने उसके घर जाकर मार डाला था। उसके बहादुरी भरे किस्सों के कारण ही कर्नल को वज़ीर अली के अफ़साने सुनकर रॉबिनहुड की याद आ जाती थी।

प्रश्न 2. सआदत अली कौन था? उसने वज़ीर अली की पैदाइश को अपनी मौत क्यों समझा?
उत्तर - सआदत अली आसिफउद्दौला का छोटा भाई और वज़ीर अली का चाचा था। आसिफउद्दौला के कोई संतान न होने से सआदत अली अवध का शासक बनने का सपना पाले हुए था। वज़ीर अली का जन्म होते ही सआदत अली को लगा कि अब वह कभी राजा नहीं बन पाएगा, इसलिए वज़ीर अली की पैदाइश को उसने अपनी मौत समझा।

प्रश्न 3. सआदत अली को अवध के तख्त पर बिठाने के पीछे कर्नल का क्या मकसद था? 
उत्तर - सआदत अली को अवध के तख्त पर बिठाने के पीछे कर्नल का मकसद था-अवध की धन-संपत्ति पर अधिकार करना। सआदत । अली अंग्रेज़ों का मित्र था। सआदत अली ऐशोआराम पसंद व्यक्ति था। उसने आधी संपत्ति और दस लाख रुपये कर्नल को देकर उसका स्वार्थ सिद्ध करने के षडयंत्र को सफल बना दिया। अब सआदत अली को किसी प्रकार का खतरा नहीं था।

प्रश्न 4. कंपनी के वकील का कत्ल करने के बाद वज़ीर अली ने अपनी हिफाज़त कैसे की?
उत्तर - कंपनी के वकील की हत्या करने के बाद वज़ीर अली काशी से आजमगढ़ आ गया। आजमगढ़ के शासकों ने वज़ीर अली और उनके सैनिकों को अपनी सुरक्षा में घाघरा तक पहुँचा दिया। यहाँ से वह गोरखपुर के जंगलों में छिपकर अपनी हिफ़ाज़त कर रहा है।

प्रश्न 5. सवार के जाने के बाद कर्नल क्यों हक्का-बक्का रह गया?
उत्तर - सवार के जाने के बाद कर्नल इसलिए हक्का-बक्का रह गया क्योंकि उसे पता चल गया कि यह सवार ही वज़ीर अली था। जिस सवार को वह साधारण-सा सिपाही समझ रहा था और उसकी सहायता से वह वज़ीर अली को गिरफ्तार करने का सपना देख रहा था। वह ऐसी उम्मीद नहीं कर सकता था कि वज़ीर अली इतनी हिम्मत करके उसके खेमे में चला आएगा। कर्नल की नज़रों में वज़ीर अली बहुत खतरनाक व्यक्ति था। वह उसे मूर्ख बनाकर उससे दस करितूस भी ले गया था और कर्नल कुछ भी नहीं कर पाया। वह जिस वज़ीर अली को पकड़ने के लिए वहाँ दल-बल सहित पड़ा था, वह वहाँ तक आया भी और फिर भी कर्नल उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाया।

(ख) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए

प्रश्न 1. लेफ्टीनेंट को ऐसा क्यों लगा कि कंपनी के खिलाफ सारे हिंदुस्तान में एक लहर दौड़ गई है?

उत्तर - लेफ्टीनेंट को कर्नल से पता चला कि वज़ीर अली से पहले कई लोग इसी प्रकार विद्रोह कर चुके हैं। दक्षिण में टीपू सुल्तान और बंगाल के नवाब का भाई शमसुद्दौला भी उनके खिलाफ़ है। इन सबने कंपनी के विरूद्ध अफगानिस्तान के बादशाह शाहे-ज़मी को आक्रमण करने का निमंत्रण दिया। ऐसा देखकर लेफ्टीनेंट को यह आभास हुआ कि कंपनी के खिलाफ़ पूरे हिंदुस्तान में लहर दौड़ गई है।

प्रश्न 2. वजीर अली ने कंपनी के वकील का कत्ल क्यों किया?
उत्तर - वज़ीर अली अत्यंत साहसी, वीर, चतुर और स्वाभिमानी व्यक्ति था। अंग्रेजों ने उसके चाचा सआदत अली को मिलाकर उसे अवध का शासक बना दिया और आधी संपत्ति हथिया लिया। इससे वज़ीर अली के मन में अंग्रेज़ों के प्रति घृणा भरी थी। वज़ीर अली जब कंपनी के वकील के पास अपनी शिकायत लेकर गया तो वकील ने उसकी बात न सुनकर उसे खरी-खोटी सुना दी। स्वाभिमानी वजीर अली को यह बात अपमानजनक लगी। अपने अपमान और अंग्रेजों के प्रति घृणा के कारण उसने कंपनी के वकील की हत्या कर दी।

प्रश्न 3. सवार ने कर्नल से कारतूस कैसे हासिल किए? ।
उत्तर - सवार स्वयं वज़ीर अली था। वह एक जाँबाज़ सिपाही था। जंगलों में धूल उड़ाता हुआ घोड़े पर सवार बिना किसी सिपाही के जाँबाज वज़ीर अली अकेला ही अंग्रेज़ी खेमे में आ पहुँचा। कर्नल और लेफ्टीनेंट ने समझा कि यह सवार उनके साथ मिलकर वज़ीर अली को गिरफ्तार करवाना चाहता है इसलिए उसे मिलने की आज्ञा दी गई। सवार ने आते ही एकांत की माँग की क्योंकि वह एकांत में कर्नल को वज़ीर अली के विषय में बताना चाहता था। उसने वज़ीर अली की गिरफ्तारी को मुश्किल बताया। उसने ऐसा दिखावा करना चाहा जैसे वह भी वजीर अली के खिलाफ है। फिर उसने कुछ कारतूसों की माँग की कर्नल ने बिना कोई प्रश्न पूछे उसे कारतूस दे दिए। इस प्रकार वज़ीर अली स्वयं ही घोड़े पर सवार होकर आया और कर्नल से कारतूस लेने में सफल रहा।

प्रश्न 4. वज़ीर अली एक जाँबाज़ सिपाही था, कैसे? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर - वजीर अली नि:संदेह बहादुर, साहसी एवं चतुर सिपाही था जो अपनी जान की परवाह किए बिना अंग्रेज़ों का मुकाबला कर रहा था। जब से अवध की सत्ता से वह बेदखल हुआ है, तब से उसके मन में अपना लक्ष्य (अवध का शासन) पाने और अंग्रेजों को भारत से भगाने की भावना बलवती हो गई है। अंग्रेजों ने उसके चाचा सआदत अली को शासक बनाकर उसे काशी भेज दिया जब काशी से उसे कोलकाता बुलाया गया तो उसने कंपनी के वकील से शिकायत की। कंपनी के वकील द्वारा बात अनसुनी करने पर उसकी हत्याकर दी और गोरखपुर के जंगलों में आकर छिपकर रहने लगा। यहाँ उसे पकड़ने के लिए जब कर्नल ने खेमा लगाया तो वज़ीर अली ने साहस और जाँबाज़ी दिखाते हुए कर्नल से दस कारतूस ही नहीं लिया बल्कि अपना नाम बताते हुए उसकी जान बख्शने की बात कहकर वापस चला गया। वज़ीर अली के ऐसे कारनामों से पता चलता है कि वह सचमुच ही जाँबाज़ आदमी था।

(ग) निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए

प्रश्न 1. मुट्ठीभर आदमी और ये दमखम।

उत्तर - कर्नल कालिंज वज़ीर अली को पकड़ने के लिए गोरखपुर के जंगल में डेरा डाले हुए था। उसने अनेक बार वज़ीर अली को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह सफल न हुआ। वज़ीर अली की आज़ादी अंग्रेजों के लिए सबसे बड़ा खतरा था, क्योंकि चंद लोगों की ताकत लिए वह अंग्रेज़ों का सिरदर्द बन गया था। उसके इसी कारनामों के कारण कर्नल खींझता रहता है क्योंकि कम लोगों को अपने साथ लिए वज़ीर अली अंग्रेज़ों की एक बड़ी सेना से भिड़ने का कारनामा दिखा रहा था।

प्रश्न 2. गर्द तो ऐसे उड़ रही है जैसे की पूरा एक काफिला चला आ रहा हो मगर मुझे तो एक ही सवार नज़र आता है।
उत्तर - कर्नल के खेमे की तरफ वज़ीर अली घोड़े पर सवार निडरतापूर्वक तूफ़ान की भाँति चला आ रहा था। उसके आने से उठती धूल से ऐसा लग रहा था मानो पूरी सेना ही चली आ रही हो। इतनी धूल तो पूरी सेना के चलने से उड़ती है, पर वज़ीर अली अकेले ही आ रहा था अर्थात् वज़ीर अली अकेले ही पूरी सेना के बराबर था।

भाषा अध्ययन

प्रश्न 1. निम्नलिखित शब्दों का एक-एक पर्याय लिखिए
(i) खिलाफ
(ii) पाक
(iii) उम्मीद
(iv) हासिल
(v) कामयाब
(vi) वज़ीफा
(vii) नफ़रत
(viii) हमला
(ix) इंतेज़ार
(x) मुमकिन

उत्तर


प्रश्न 2. निम्नलिखित मुहावरों को अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए आँखों में धूल झोंकना, कूट-कूटकर भरना, काम तमाम कर देना, जान बख्श देना, हक्का-बक्का रह जाना।
उतर - आँखों में धूल झोंकना-चोर पुलिस की आँखों में धूल झोंककर भाग गया।
कूट-कूटकर भरना-स्वतंत्रता सेनानियों में देशभक्ति की भावना कूट-कूटकर भरी हुई थी।
काम तमाम कर देना-मौका पाते ही शिकारी ने शेर का काम तमाम कर दिया।
जान बख्श देना-महात्मा अपने प्रति दुर्व्यवहार करने वालों की भी जान बख्श देते हैं।
हक्का-बक्का रह जाना-भरत को शेर के साथ खेलते देखकर दुष्यंत हक्का-बक्का रह गए।

प्रश्न 3. कारक वाक्य में संज्ञा या सर्वनाम का क्रिया के साथ संबंध बताता है। निम्नलिखित वाक्यों में कारकों को रेखांकित कर उनके नाम लिखिए
(क) जंगल की जिंदगी बड़ी खतरनाक होती है।
(ख) कंपनी के खिलाफ़ सारे हिंदुस्तान में एक लहर दौड़ गई।
(ग) वज़ीर को उसके पद से हटा दिया गया।
(घ) फ़ौज के लिए कारतूस की आवश्यकता थी।
(ङ) सिपाही घोड़े पर सवार था।

उत्तर


प्रश्न 4. क्रिया का लिंग और वचन सामान्यतः कर्ता और कर्म के लिंग और वचन के अनुसार निर्धारित होता है। वाक्य में कर्ता और कर्म के लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार जब क्रिया के लिंग, वचन आदि में परिवर्तन होता है तो उसे अन्विति कहते हैं। क्रिया के लिंग, वचन में परिवर्तन तभी होता है जब कर्ता या कर्म परसर्ग रहित हों;
जैसे-सवार कारतूस माँग रहा था। (कर्ता के कारण)
सवार ने कारतूस माँगे। (कर्म के कारण)
कर्नल ने वज़ीर अली को नहीं पहचाना। (यहाँ क्रिया कर्ता और कर्म किसी के भी कारण प्रभावित नहीं है)
अतः कर्ता और कर्म के परसर्ग सहित होने पर क्रिया कर्ता और कर्म में से किसी के भी लिंग और वचन से प्रभावित नहीं होती और वह एकवचन पुल्लिंग में ही प्रयुक्त होती है। नीचे दिए गए वाक्यों में ‘ने लगाकर उन्हें दुबारा लिखिए-
(क) घोड़ा पानी पी रहा था।
(ख) बच्चे दशहरे का मेला देखने गए।
(ग) रॉबिनहुड गरीबों की मदद करता था।
(घ) देशभर के लोग उसकी प्रशंसा कर रहे थे।

उत्तर - (क) घोड़े ने पानी पीना जारी रखा।
(ख) बच्चों ने दशहरे का मेला देखने के लिए प्रस्थान किया।
(ग) रॉबिनहुड ने गरीबों की मदद की।
(घ) देशभर के लोगों ने उसकी प्रशंसा की।

प्रश्न 5. निम्नलिखित वाक्यों में उचित विराम-चिह्न लगाइए
(क) कर्नल ने कहा सिपाहियो इस पर नज़र रखो ये किस तरफ जा रहा है।
(ख) सवार ने पूछा आपने इस मकाम पर क्यों खेमा डाला है इतने लावलश्कर की क्या ज़रूरत है।
(ग) खेमे के अंदर दो व्यक्ति बैठे बातें कर रहे थे चाँदनी छिटकी हुई थी और बाहर सिपाही पहरा दे रहे थे एक व्यक्ति कह रहा था दुश्मन कभी भी हमला कर सकता है।

उत्तर- (क) कर्नल ने कहा-“सिपाहियो! इस पर नज़र रखो, ये किस तरफ जा रहा है?”
(ख) सवार ने पूछा-“आपने इस मकाम पर क्यों खेमा डोला है? इतने लावलश्कर की क्या जरूरत है?”
(ग) खेमे के अंदर दो व्यक्ति बैठे बाते कर रहे थे। चाँदनी छिटकी हुई थी और बाहर सिपाही पहरा दे रहे थे। एक व्यक्ति कह रहा था-“दुश्मन कभी भी हमला कर सकता है।”

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