Class 6 Civics Chapter 2 विविधता एवं भेदभाव

NCERT Solutions for Class 6 Civics Chapter 2

(विविधता एवं भेदभाव)

पाठ्यपुस्तक के आंतरिक प्रश्न

1. शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के बारे में नीचे कुछ कथन दिए गए हैं। जिन कथनों से आप सहमत हैं, उन पर निशान लगाइए :(एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-16)

ग्रामीण लोग

(a) आधे से ज्यादा भारतीय गाँवों में रहते हैं।
(b) ग्रामीण लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर सतर्क नहीं होते। वे बहुत अंधविश्वासी होते हैं।
(c) गाँव के लोग बहुत पिछड़े हुए और आलसी होते हैं। वे काम करना पसंद नहीं करते।
(d) फसल की बुवाई और कटाई के समय परिवार के लोग खेतों में 12 से 14 घंटों तक काम करते हैं।
(e) गाँव वाले गंदे होते हैं। वे साफ नहीं रहते।

शहरी लोग

(a) शहरी जीवन बड़ा आसान होता है। यहाँ के लोग बिगड़े हुए और आलसी होते हैं।
(b) शहरों में लोग अपने परिवार के सदस्यों के साथ बहुत कम समय बिताते हैं।
(c) शहरी लोग केवल पैसे की चिंता करते हैं, लोगों की नहीं।
(d) शहरी लोगों पर भरोसा नहीं किया जा सकता, वे चालाक और भ्रष्ट होते हैं।
(e) शहरों में रहना बहुत महँगा पड़ता है। लोगों की कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा किराए और आने-जाने में खर्च हो जाता है।

उत्तर -



2. उन कथनों को फिर से देखिए जो आपको ग्रामीण एवं शहरी लोगों के बारे में सही लगे। क्या आपके दिमाग में ग्रामीण या शहरी लोगों को लेकर किसी भी प्रकार के पूर्वाग्रह हैं? क्या दूसरे लोगों के दिमाग में भी ये पूर्वाग्रह हैं? लोगों के दिमाग में ये पूर्वाग्रह क्यों होते हैं?
जिन पूर्वाग्रहों को आपने अपने आस-पास महसूस किया है उनकी एक सूची बनाइए। ये पूर्वाग्रह लोगों के व्यवहार को कैसे प्रभावित करते हैं (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-16)

उत्तर - ग्रामीण लोग –

(a) यह पूर्वाग्रह नहीं है, क्योंकि सरकारी आँकड़ों से यह स्पष्ट है कि आधे से ज्यादा भारतीय गाँवों में रहते हैं।
(d) यह पूर्वाग्रह नहीं है, यह कथन सही है कि फसल की बुवाई व कटाई के समय बहुत अधिक काम होता है इसलिए काम को पूरा करने के लिए अधिक समय यानी 12 से 14 घंटे काम करना पड़ता है।
(e) यह पूर्वाग्रह नहीं है, बल्कि सच्चाई यह है कि गाँवों के लोगों को अधिक मेहनत करनी होती है तथा उनका काम धूल-मिट्टी से जुड़ा होता है जिसके कारण उनके कपड़े गंदे रहते हैं तथा शरीर पसीनों से भीगा रहता है।

उत्तर शहरी लोग –

(b) यह पूर्वाग्रह नहीं है, बल्कि सच्चाई है, क्योंकि शहर के लोगों को एक निश्चित अवधि के दौरान तथा निश्चित समय तक काम करना होता है। वे अपने काम करने की अवधि तथा समय अपनी सुविधा के अनुसार नहीं बदल सकते हैं तथा उन्हें काम करने के लिए भी अपने घर से बहुत दूर जाना होता है।
(c) यह पूर्वाग्रह नहीं है, बल्कि शहर के लोगों की कार्य की प्रकृति से संबंधित है, क्योंकि शहर के लोग अपने काम करने का समय तथा अवधि स्वयं निश्चित नहीं कर सकते हैं, इसलिए उनके पास समाज सेवा इत्यादि के लिए समय नहीं होता है।
(e) यह पूर्वाग्रह नहीं है, बल्कि सच्चाई है, क्योंकि शहर में कार्य कर रहे सभी व्यक्तियों के पास अपना घर नहीं होता है उन्हें किराये के मकान में रहना पड़ता है जिसका किराया बहुत अधिक होता है। इसी तरह लोगों को अपने-अपने कार्य स्थल तक पहुँचने के लिए भी लंबी यात्रा करनी पड़ती है जिस कारण यात्रा करने में भी काफी पैसा खर्च होता है छात्र अपने अध्यापक की सहायता से स्वयं करें।

3. नीचे दिए गए कथनों की सूची में से तालिका को भरिए। अपने उत्तर के कारणों पर चर्चा कीजिए।





ऊपर के चित्रों में जो बच्चे हैं उन्हें पहले ‘विकलांग’ कहा जाता था। इस शब्द को बदलकर आज उनके लिए जो शब्द प्रयोग किए जाते हैं वे हैं-‘खास जरूरतों वाले बच्चे। उनके बारे में लोगों के पूर्वाग्रहों को यहाँ बड़े अक्षरों में दिया गया है। साथ में उनकी अपनी भावनाएँ और विचार भी दिए गए हैं। ये बच्चे अपने से जुड़ी रूढिबद्ध धारणाओं के बारे में क्या कह रहे हैं और क्यों-इस पर चर्चा कीजिए। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-18 )
उत्तर - चित्रों में ये बच्चे अपने से जुड़ी रूढिबद्ध धारणओं के बारे में निम्नलिखित बातें कह रहे हैं –
  • चित्र -1 – लोग मेरे विषय में तरह-तरह की बातें करते हैं मैं लँगड़ाता हूँ, मेरी बोली लड़खड़ाती है इसके अलावा और भी बहुत कुछ। इसलिए मैं कभी उदास हो जाता हूँ तो कभी दुःखी हो जाता हूँ। लोग मेरा मजाक भी उड़ाते हैं, लेकिन मेरे लिए यह नई बात नहीं है।
  • चित्र – 2 – लोग मुझे देखकर कहते हैं कि तुम दूसरों से कितनी अलग दिखती हो। ये सब बातें सुनकर मुझे शर्म आती है, क्योंकि मैं भी एक इंसान हूँ और मैं इन घूरती नजरों से छिप जाना चाहती हूँ।
  • चित्र -3 – मेरी टाँगें डगमगाती हैं इसलिए लोगों को शक है कि शायद मेरा दिमाग भी सामान्य नहीं है, जबकि मैं दूसरे बच्चों की तरह पढ़-लिख सकता हूँ।
5. आपकी राय में क्या खास जरूरतों वाले बच्चों को सामन्य स्कूल में पढ़ना चाहिए या उनके लिए अलग स्कूल होने चाहिए? अपने जवाब के पक्ष में तर्क दीजिए। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-18 )
उत्तर - खास जरूरतों वाले बच्चों के लिए अलग से स्कूल होने चाहिए, क्योंकि सामान्य स्कूलों में उनकी जरूरतों के अनुसार सुविधाएँ नहीं होती है और न ही इस प्रकार के बच्चों को पढ़ाने तथा उनकी भावनाओं को समझने वाले विशेष रूप से प्रशिक्षित अध्यापक होते हैं। इसलिए इस प्रकार के बच्चों को सामान्य स्कूल के बजाय विशेष स्कूलों में पढ़ने के लिए भेजना चाहिए या फिर सरकार को सामान्य स्कूलों में खास जरूरतों वाले बच्चों के अनुसार सुविधाएँ विकसित करनी चाहिए।

6. ‘वे कोमल एवं मृदु स्वभाव की हैं, वे बहुत ही सुशील हैं’-ऐसे कथनों को लेकर उन पर चर्चा कीजिए कि ये कैसे केवल लड़कियों पर लागू किए जाते हैं। क्या लड़कियों में से गुण जन्म से ही होते हैं या वे ऐसा व्यवहार समाज से सीखती हैं? आपकी उन लड़कियों के बारे में क्या राय है जो कोमल एवं मृदु स्वभाव की नहीं होतीं और शरारती होती हैं? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-19)
उत्तर - कुछ स्वभाव मनुष्य में जन्म से ही होते हैं तथा कुछ स्वभाव वह समाज से सीखता है। लड़कियों को कोमल तथा मृदु स्वभाव समाज द्वारा सिखाया जाता है, क्योंकि समाज में यह रूढिबद्ध धारणा है कि लड़कियों को कोमल तथा मृदु होना चाहिए, परंतु सभी लड़कियाँ एक जैसी नहीं होती हैं और वे रूढिबद्ध धारणा के अनुसार अपने आपको नहीं बनाती हैं।

7. रूढ़िबद्ध धारणाओं एवं भेदभाव में क्या अंतर है?(एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-22)
उत्तर - जब हम सभी लोगों को एक ही छवि में बाँध देते हैं या उनके बारे में पक्की धारणा बना लेते हैं तो उसे रूढिबद्ध धारणा कहते हैं और जब इन रूढिबद्ध धारणाओं के अनुसार लोगों के साथ व्यवहार करने लगते हैं। तो इसे भेदभाव कहते हैं।

8. आपके अनुसार जिस व्यक्ति के साथ भेदभाव होता है उसे कैसा महसूस होता है? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-22)
उत्तर - जिस व्यक्ति के साथ भेदभाव होता है, उसे दु:ख होता है, उसे अच्छा नहीं लगता है तथा वह अपने आपको अपमानित महसूस करता है। उसका आत्मसम्मान कमजोर हो जाता है, वह दूसरों से अपने आपको छोटा तथा कमजोर समझने लगता है। वह अन्य लोगों के साथ मिल-जुलकर नहीं रह पाता है और अपने आपको दूसरों से अलग समझने लगता है।

9. बच्चे पैसा देने को तैयार थे, फिर भी गाड़ीवानों ने उन्हें ले जाने से मना कर दिया। क्यों? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-24)
उत्तर - बच्चे पैसा देने को तैयार थे, फिर भी गाडीवान उन्हें ले जाने का तैयार नहीं था, क्योंकि गाडीवान को पता चल गया था कि बच्चे महार जाति से संबंधित हैं महार जाति को उस समय बंबई प्रांत में अछूत माना जाता था।

10. स्टेशन पर लोगों ने डॉ. अंबेडकर और उनके भाइयों के साथ कैसे भेदभाव किया? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-24)
उत्तर - स्टेशन पर जब स्टेशन मास्टर को डॉ. अंबेडकर और उनके भाइयों की जाति के विषय मालूम हुआ तो स्टेशन मास्टर का व्यवहार ही बदल गया तथा गाड़ीवानों ने दुगुना पैसा देने पर भी ले जाने से इंकार कर दिया। इस प्रकार स्टेशन पर उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया गया।

11. महार होने का पता चलने पर स्टेशन मास्टर की जो प्रतिक्रिया हुई थी, उसे देखकर बचपन में अंबेडकर को कैसा लगा होगा? अपने शब्दों में वर्णन कीजिए। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-24)
उत्तर - अंबेडकर के साथ यह घटना उनके बचपन में घटी थी, इसलिए उस समय इस घटना का कारण उनकी समझ में नहीं आया होगा, परंतु उन्हें बहुत गहरा दु:ख पहुँचा होगा।

12. क्या आपको कभी अपने प्रति लोगों के पूर्वाग्रह का अनुभव हुआ है? या आपने दूसरों के प्रति भेदभाव भरे व्यवहार को देखा है? उससे आपको कैसा महसूस हुआ? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-24)
उत्तर - छात्र स्वयं करें।

13. दलित के अलावा कई अन्य समुदाय हैं जिनके साथ भेदभाव किया जाता है। क्या आप भेदभाव के कुछ अन्य उदाहरण सोच सकते हैं? (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-25)
उत्तर - दलित के अलावा कई अन्य समुदाय हैं, जिनके साथ भेदभाव किया जाता है; जैसे
  • धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव
  • भाषाई अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव
  • स्त्रियों के साथ भेदभाव
  • शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के साथ भेदभाव
  • गरीब तथा आर्थिक रूप से कमजोर समुदायों के साथ भेदभाव
14. उन तरीकों पर चर्चा कीजिए जिनके द्वारा ‘खास जरूरतों वाले लोगों के साथ भेदभाव किया जा सकता है। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-25)
उत्तर - खास जरूरतों वाले लोगों के साथ भेदभाव कई प्रकार से किया जा सकता है; जैसे
  • ऐसे व्यक्ति को अपने साथ खाना न खिलाना।
  • ऐसे व्यक्ति से बात न करना।
  • ऐसे व्यक्ति को अपने पास न बैठाना।
  • ऐसे व्यक्ति को परिवार से अलग रखना।
  • ऐसे व्यक्ति से अपमानजनक भाषा में बात करना।
  • ऐसे व्यक्ति को उसके अधिकारों से वंचित रखना।
प्रश्न-अभ्यास
(पाठ्यपुस्तक से)

1. निम्नलिखित कथनों का मेल कराइए। रूढिबद्ध धारणाओं को कैसे चुनौती दी जा रही है, इस पर चर्चा कीजिए :

उत्तर -



2. लड़कियाँ माँ-बाप के लिए बोझ हैं, यह रूढिबद्ध धारणा एक लड़की के जीवन को किस तरह प्रभावित करती है? उसके अलग-अलग पाँच प्रभावों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर - जब रूढिबद्ध लोग यह सोचते हैं कि लड़कियाँ माँ-बाप के लिए बोझ हैं, यह धारणा निम्नलिखित प्रकार से एक लड़की के जीवन को प्रभावित करती है –
  • लड़की अपने आपको परिवार पर बोझ समझने लगती है जिससे वह हमेशा परेशान रहती है।
  • लड़की को परिवार में उचित प्यार तथा स्नेह नहीं मिलता है।
  • लड़की के पालन-पोषण तथा खाने-पीने पर उचित ध्यान नहीं दिया जाता है।
  • लड़कियों की शिक्षा पर अधिक ध्यान नहीं दिया जाता है।
  • लड़कियों के बीमार होने पर उचित इलाज नहीं कराया जाता है।
3. भारत का संविधान समानता के बारे में क्या कहता है? आपको यह क्यों लगता है कि सभी लोगों में समानता होना जरूरी है?
उत्तर - भारत का संविधान समानता के बारे में कहता है कि प्रत्येक व्यक्ति को समान अधिकार और समान अवसर प्राप्त हैं। लोग अपनी पसंद का काम चुनने के लिए स्वतंत्र हैं। सरकारी नौकरियों में सभी लोगों के लिए समान अवसर उपलब्ध हैं। लोगों को अपने धर्म का पालन करने, अपनी भाषा बोलने, अपने त्योहार मनाने और अभिव्यक्ति की पूर्ण स्वतंत्रता है। सरकार सभी धर्मों को बराबर महत्त्व तथा सम्मान प्रदान करेगी।

4. कई बार लोग हमारी उपस्थिति में ही पूर्वाग्रह से भरा आचरण करते हैं। ऐसे में अक्सर हमें कोई विरोध करने की स्थिति में नहीं रहते, क्योंकि मुँह पर तुरंत कुछ कहना मुश्किल जान पड़ता है। अपनी कक्षा को दो समूहों में बाँटिए और प्रत्येक समूह इस पर चर्चा करें कि दी गई परिस्थिति में वे क्या करेंगे :

(क) गरीब होने के कारण एक सहपाठी को आपका दोस्त चिढ़ा रहा है।
(ख) आप अपने परिवार के साथ टी.वी. देख रहे हैं और उनमें से कोई सदस्य किसी खास धार्मिक समुदाय पर पूर्वाग्रहग्रस्त टिप्पणी करता है।
(ग) आपकी कक्षा के बच्चे एक लड़की के साथ मिलकर खाना खाने से इनकार कर देते हैं, क्योंकि वे सोचते हैं कि वह गंदी है।
(घ) किसी समुदाय के खास उच्चारण का मजाक उड़ाते हुए कोई आपको चुटकुला सुनाता है।
(ङ) लड़के, लड़कियों पर टिप्पणी कर रहे हैं कि लड़कियाँ उनकी तरह नहीं खेल सकतीं। उपर्युक्त परिस्थितियों में विभिन्न समूहों ने कैसा बर्ताव करने की बात की है, इस पर कक्षा में चर्चा कीजिए, साथ ही इन मुद्दों को उठाते समय कक्षा में कौन-सी समस्याएँ आ सकती हैं, इस पर भी बातचीत कीजिए।


उत्तर - उपरोक्त सभी स्थितियों में पूर्वाग्रह है जो समानता के व्यवहार के विरुद्ध है।

छात्र अपने अध्यापक की सहायता से कक्षा को दो समूहों में बाँटें और इन पूर्वाग्रहों पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दें और उन प्रतिक्रियाओं के आधार पर उत्तर लिखें।

NCERT Solutions for Class 6 Civics Chapter 2 विविधता एवं भेदभाव (Hindi Medium).